Hello there
Hope you all will be happy & healthy.
Today I am giving you Hindi translation of SHANTI PAATH from vedas, as I regularly sing it.
ओ३म् द्यौ शान्तिरन्तरिक्षः शांतिः पृथ्वी शान्तिरापः शांतिः रोषधयः शांतिः |
वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवः शांतिब्रह्मा शांतिः सर्व शांतिः शान्तिरेव शांतिः सा मा शान्तिरेधि
ओ३म् शांतिः शांतिः शांतिः||
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
जल में, थल में और गगन में, अंतरिक्ष में और अग्नि, पवन में |
औषध वनस्पति वन उपवन में, सकल विश्व में जड़ चेतन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
ब्राह्मण के उपदेश वचन में, क्षत्रिय के द्वारा हो रण में, वैश्य जनों के होवे धन में और शुद्र के हो चरणन में
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति राष्ट्र निर्माण सृजन में, नगर-ग्राम में और भवन में |
जीव मात्र के तन में मन में और जगती के हो कण कण में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
Hope you all will be happy & healthy.
Today I am giving you Hindi translation of SHANTI PAATH from vedas, as I regularly sing it.
ओ३म् द्यौ शान्तिरन्तरिक्षः शांतिः पृथ्वी शान्तिरापः शांतिः रोषधयः शांतिः |
वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवः शांतिब्रह्मा शांतिः सर्व शांतिः शान्तिरेव शांतिः सा मा शान्तिरेधि
ओ३म् शांतिः शांतिः शांतिः||
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
जल में, थल में और गगन में, अंतरिक्ष में और अग्नि, पवन में |
औषध वनस्पति वन उपवन में, सकल विश्व में जड़ चेतन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
ब्राह्मण के उपदेश वचन में, क्षत्रिय के द्वारा हो रण में, वैश्य जनों के होवे धन में और शुद्र के हो चरणन में
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति राष्ट्र निर्माण सृजन में, नगर-ग्राम में और भवन में |
जीव मात्र के तन में मन में और जगती के हो कण कण में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
शांति कीजिये प्रभु त्रिभुवन में |
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